बिहार में शराबबंदी के बाद अब राज्‍य के छात्र भी सरकार की मदद के लिए आगे आए हैं। पूर्णिया के भवानीपुर प्रखंड की रहने वाली ऐश्वर्या प्रिया, औरगाबाद एवं रोहतास के रहने वाले दो बेटों, विवेक सिंह और अभिषेक चौधरी ने मिलकर एक ऐसी मशीन बनाई है  

जिसके गुणों के बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. मध्यप्रदेश के भोपाल के लक्ष्मी नारायण कॉलेज के बीटेक तृतीय वर्ष के तीन छात्रों के इस अनोखे खोज को कई माह की कड़ी मेहनत के बाद सफलता मिली है। सूबे के इन तीनों छात्रों का कहना है कि सरकार द्वारा सूबे में शराबबंदी अभियान को कारगर ढंग से लागू करने के लिए उन्होंने यह यंत्र Alcohol Detector and Automatic Engine Locking System बनाया है।

Alcohol Detector and Automatic Engine Locking System

इन युवाओ ने वाहनों में लगने वाले एक ऐसे यंत्र का निर्माण किया है, जो न केवल 'अल्कोहल' (शराब) की पहचान करता है, बल्कि अगर आप शराब पीकर गाड़ी चलाएंगे तो गाड़ी स्वत: बंद भी हो जाएगी. उन्होंने ने बताया कि बिहार में शराबबंदी के बाद शराबी को पकड़ने के लिए ब्रेथलाइजर मशीन को मुंह में लगाया जाता है. इस मशीन में मुंह लगाने की जरूरत ही नहीं है।

सिर्फ सांस के बदबू से ही अल्कोहल को डिटेक्ट किया जा सकता है, जो अल्कोहल का लेबल भी बताएगा. उन्होंने बताया कि अगर सरकार इस प्रोजेक्ट पर काम करे तो महज आठ से नौ सौ रुपये में मशीन बनाकर वाहनों में लगा सकती है. उन्‍होंने बताया कि सबसे बड़ी बात यह है कि जब तक शराब सेवन किया व्यक्ति वाहन से उतर नहीं जाएगा, तक तक गाड़ी स्टार्ट ही नहीं होगी। 

गाड़ी बंद होने की सूचना स्थानीय पुलिस के 100 नंबर पर मिल जाएगी की गाड़ी में शराब पीने वाले के कारण गाड़ी बंद हो गयी है। 

उन्होंने ने बताया कि अगर सरकार वाहनों में इस यंत्र का इस्तेमाल करें तो शराब पीकर कोई गाड़ी नहीं चला पाएगा. शराब पीकर आए दिन होने वाली दुर्घटना को भी इस यंत्र के वाहनों में प्रयोग से रोका जा सकेगा."  ऐश्वर्या ने इस सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता रवि गुप्ता व माता इंदु देवी को देते हुए कहती है कि इनके उत्साहवर्धन से आज वह इतनी दूर पढ़कर यह सफलता पाई है. ऐश्वर्या को इस सफलता के लिए पुणे में आयोजित राष्ट्रीय स्तर पर इनोवेटिव मॉडल एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मिला है. इस प्रतियोगिता में देशभर के 125 प्रविष्टियां प्राप्त हुई एवं 84 का चयन प्रतियोगिता के लिए किया गया.

ऐश्वर्या ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का नाम 'अल्कोहल डिटेक्टर एवं अटोमेटिक इंजन लकिंग सिस्टम'  "Alcohol Detector and Automatic Engine Locking System" रखा गया है.

ऐश्वर्य प्रिया के पत्रकार पिता रवि ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं और तीनों के पालन पोषण और संस्कार देने में कोई कमी नहीं की है. आज तीनों बच्चियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं. उन्होंने बताया कि बेटी ऐश्वर्य शुरू से ही तेज बुद्धि की रही है। वह 10वीं और 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की है, उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।

सूबे में शराबबंदी अभियान लागू होने के बाद राज्य सरकार लगातार शराब एवं शराबियों की खोज के लिए लगातार अभियान चला रही है। ऐसे में इन युवाओ द्वारा बनाई गयी यह मशीन शराबबंदी अभियान को सख्ती से लागू करने में काफी सहायक सिद्ध होगी।

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